kapalbhati yoga in hindi, कपालभाति योगा से लाभ, सावधानी

Kapalbhati yoga in hindi


Kapalbhati yoga in hindi

कपालभाति करने से विभिन्न प्रकार के लाभ होते हैं। कपालभाति हठयोग का ही एक योग है। कपाल को मस्तिक कहा जाता है और तीी को स्वच्छता। दोनों मिलाकर कपालभाति कहा जाता है। कपालभाति इस प्राणायाम को करने वाले व्यक्ति के चेहरे पर हमेशा चमक रहता है लेकिन यह प्राणायाम नियमित रूप से जो व्यक्ति करेगा उसी उसी के ही चेहरे पर चमक दिखाई देगी। 



कपालभाति से विभिन्न प्रकार के लाभ है कपालभाति करने से किडनी और पेट और भी विभिन्न प्रकार की बीमारियों से लाभ पहुंचाता है। प्राणायाम हमारी जीवन को ही बदल देता है जो व्यक्ति प्राणायाम करता है उसे कभी आलस नहीं आती। प्राणायाम करने वाले व्यक्ति के बॉडी में एक नई उर्जा दिखाई देती है थकान महसूस नहीं होती।


हमें नियमित रूप से प्राणायाम करना चाहिए कपालभाति करने से पहले अनुलोम विलोम है भी करना चाहिए अलोम विलोम करने से हमारे बॉडी में जो कार्बन डाइऑक्साइड होता है वह बाहर निकलता है और अंदर ऑक्सीजन की पूर्ति होती है यानी कि हमारी बॉडी के अंदर जो एसिड होता है वह बाहर निकल जाता है और हमारे शरीर में प्राण वायु का संचार होता है। 

कपालभाती लाभ

1. इस प्राणायाम के नियमित रूप से करने पर हमारे शरीर में जो अनियमित रूप से चर्बी बड़ी होती है उसको वह बराबर करके रखता है।

2. यह प्राणायाम करने से पाचन क्रिया मजबूत हो जाती है। 

3. भविष्य में भी कभी कफ और सांस जैसी बीमारियों के आप कभी भी शिकार नहीं बनोगे।

4. अस्थमा जैसे रोग जड़ से खत्म हो जाते हैं।

कपालभाति सावधानी

1. खाना खाने के बाद यह प्राणायाम 4 घंटे के बाद करना चाहिए। 

2. गर्भावस्था के समय यह प्राणायाम बिल्कुल ना करें।

3. जहां पर गंदगी हो वहां पर यह प्राणायाम बैठकर बिल्कुल ना करें।

4. बुखार, दस्त और अधिक कमजोरी में इस प्राणायाम को बिल्कुल ना करें।

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