pranayama breathing in hindi, प्राणायाम के फायदे और प्राणायाम स्वसन क्रिया।

pranayama breathing in hindi

pranayama breathing in hindi


प्राणायाम को दो भागों में बांटा गया है। प्राणायाम = प्राण + आयाम । इसका शाब्दिक अर्थ है स्वास को लंबा करना, प्राण को लंबा करना यानी कि जीवन शक्ति को लंबा करना। इस प्राणशक्ति का अपने बॉडी में प्रवाह करके यह जीवन शक्ति प्रदान करता है। 


प्राणायाम योग के आठ अंगों में से एक अंग है। अष्टांग योग में 8 प्रक्रियाएं होती हैं।


1. यम

2. नियम

3. आसन

4. प्राणायाम

5. प्रत्याहार

6. धारणा

7. ध्यान

8. समाधि

करने की विधि –


• सर्वप्रथम सबसे पहले सांस को ऊपर की तरफ खींचकर फेफड़ों में भर ले।
• फिर सांस को धीरे धीरे छोड़ें। यह प्रक्रिया अपनी क्षमता अनुसार करें।

सावधानियां

•  प्राणायाम करते समय हमारा शरीर अंदर से और बाहर से शुद्ध होना चाहिए।
•  बैठते समय हमारी रीढ़ की हड्डी सीधी होनी चाहिए।
•  प्राणायाम करते समय हमारे दोनों हाथ ज्ञान मुद्रा में या फिर किसी और मुद्रा में रखना चाहिए।
•  अगर आप प्राणायाम करते समय सांस को ले रहे हैं और छोड़ रहे हैं तो यह क्रिया धीरे-धीरे करना चाहिए।

•  किसी भी प्रकार का अगर ऑपरेशन हुआ हैै तो 6 महीने के बाद ही प्राणायाम का धीरे-धीरेेे प्रयास करें।



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